दीवाने हैं
हम में तुम में हम सभी में, प्यार असर कर जायेगा
दीवाने हैं दीवानों पर कौन सितम कर पायेगा
यारी में जब भी कभी , मौत दर पे आयेगी
दावा है कि तुमसे पहले मेरा सर ले जायेगी
जुदा होने की बात चली हो जो होगा हो देखेंगे
साथ रहेंगी जब तक दम हो कौन नज़र कर पाएगा
दीवाने हैं दीवानों पर कौन सितम कर पायेगा
लोग करेंगे चमचागीरी, अपनी दादागीरी सही
इन सालों की ऐसी तैसी वक्त ही कर जायेगा
यारी अपनी दुनियादारी, मस्ती के हैं राही हम
अपना हंसता चेहरा औरों पे असर कर जायेगा
दीवाने हैं दीवानों पर कौन सितम कर पायेगा
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1 comment:
hey.... nice poem man.
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